मास कम्युनिकेशन क्या है ? Mass Communication कोर्स (डिप्लोमा/डिग्री) कैसे करे

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज का हमारा टॉपिक है मास कम्युनिकेशन क्या है ? Mass Communication कोर्स (डिप्लोमा/डिग्री) कैसे करे। तो चलिए आगे जानते है। दोस्तों बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट एक ऐसे कोर्स की तलाश में रहते हैं जिसको पूरा करने के बाद उन्हें आसानी से जॉब मिल जाए। अगर आप भी इस तरह के कोर्स की तलाश कर रहे हैं और डिजिटल या मिडिया क्षेत्र में दिलचस्पी रखते है तो मास कम्युनिकेशन कोर्स एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

मास कम्युनिकेशन क्या है

एक पुराना दौर था और एक आज का दौर है काफी कुछ बदल गया है एक समय ऐसा था कि लोग मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) वर्ड के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे लेकिन आज बदलता भारत इस शब्द का अर्थ और प्रयोग दोनों अच्छी तरह जानता है। अगर आप मास कम्युनिकेशन के बारे में विस्तार से नॉलेज लेना चाहते हैं तो इस पोस्ट के साथ अंत तक बने रहे। क्योंकि इस पोस्ट में हम मास कम्युनिकेशन क्या है, कैसे करें, मास कम्युनिकेशन जॉब प्रोफाइल, सैलरी इत्यादि के बारे में पूर्ण जानकारियां बताने जा रहे हैं।

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Table of Contents

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) क्या है?

  • जनता तक अपनी बात किसी माध्यम के जरिए पहुंचाने को मास कम्युनिकेशन कहते हैं। अन्य शब्दों में कहें तो मास कम्युनिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति, लोगो का कोई समूह, या फिर कोई संस्था अपना मैसेज एक बहुत बड़े ग्रुप तक पहुंचाती है।
  • इसके लिए एक कम्युनिकेशन चैनल का इस्तेमाल किया जाता है। ये कम्युनिकेशन चैनल ब्रॉडकास्ट, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया इत्यादि होते हैं। आज का टाइम डिजिटल दुनिया का है जिससे लोगों तक बात आसानी से पहुंचाना बहुत सरल हो चुका है।
  • मास कम्युनिकेशन के एग्जांपल की बात करें तो इसमें एडवरटाइजिंग, जनरलिज्म, पब्लिक रिलेशन और पॉलिटिक्स आता है। अब जहां तक कम्युनिकेशन और जनरलिज्म की बात आती है तो दोनों को एक समझ लिया जाता है जबकि इन दोनों में आसमान पताल का फर्क होता है।
  • हालांकि मास कम्युनिकेशन और जनरलिज्म एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। परंतु वास्तव में जनरलिज्म की तुलना में मास कम्युनिकेशन का दायरा बहुत बड़ा होता है। इसका उदाहरण इस प्रकार समझे की जैसे मास कम्युनिकेशन एक राज्य है तो जनरलिज्म उस राज्य का जिला है।
  • मास कम्युनिकेशन में एक बड़े ग्रुप से एक साथ डील करना होता है जबकि जनरलिज्म न्यूज़ से जुड़ा होता है। मास कम्युनिकेशन में टीवी, रेडियो, फिल्म प्रोडक्शन, फिल्म डायरेक्शन, इवेंट मैनेजमेंट, ब्रॉडकास्टिंग, एडवरटाइजिंग और पब्लिक रिलेशन जैसी चीजें आती है जबकि जर्नलिज्म में रिपोर्टिंग एडिटिंग और पब्लिशिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के लिए जरूरी योग्यता

अगर आप मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) और मीडिया प्रोफेशनल बनना चाहते हैं तो आपके अंदर नीचे दी गई स्किल्स बेहद जरूरी हैं तभी आप इस क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर पाएंगे और सफल हो सकते है।

  • क्रिएटिविटी |
  • कॉन्फिडेंस |
  • गुड कम्युनिकेशन स्किल |
  • क्रिटिकल थिंकिंग |
  • कमांड ऑन लैंग्वेज |
  • राइटिंग एबिलिटी |
  • नेटवर्किंग स्किल |
  • रिसर्च स्किल्स |
  • ऑब्जर्विंग स्किल |
  • प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स |

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के फायदे

  • अगर आप मास कम्युनिकेशन करते है तो अपनी बात को किसी न किसी माध्यम से लोगो के पास पहुंचा सकते है।
  • मास कम्युनिकेशन कोर्स करने के बाद आसानी से किसी फील्ड में नौकरी पा सकते है क्योंकि इस डिजिटल दुनियां में मास कम्यूनिकेशन की कई कंपनीयां खुल चुकी है।
  • मास कम्युनिकेशन के अन्दर कई ऐसे फील्ड है जिसमे घर बैठें काम करने को ऑफर मिलता है।
  • मास कम्युनिकेशन कोर्स करने के बाद आप खुद के मालिक बन सकते है और स्वतंत्र रूप से अपना ब्लॉग या न्यूज पोर्टल चला सकते हैं।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के उद्देश्य

  • मास कम्युनिकेशन का मुख्य उद्देश्य जनता को जागरूक, शिक्षित और मनोरंजन करना होता है।
  • मास कम्युनिकेशन लोकतांत्रिक देश में लोगों की समस्याओं को लेकर सरकार को सचेत करने में अहम भूमिका अदा करती है।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के प्रकार

  • प्रिंट मीडिया |
  • प्रिंट मीडिया के तहत न्यूजपेपर, मैगजीन, बुक, नोवेल्स, कॉमिक्स, जनरलिज्म और पब्लिकेशन आते हैं।
  • ब्रॉडकास्ट मीडिया |
  • ब्रॉडकास्ट मीडिया के तहत फिल्म जगत, टेलीविजन जगत और रेडियो आते है।
  • आउटडोर मीडिया और ट्रांजिस्ट मीडियम |
  • इनके अंदर बिलबोर्ड्स, बोर्डिंग, पोस्टर और बैनर का कार्य होता है।
  • डिजिटल मीडिया |
  • डिजिटल मीडिया के तहत सोशल मीडिया, वीडियो प्लेटफार्म, वेब साइट्स, मोबाइल एप्स, e-books, पॉडकास्ट एंड ऑनलाइन रेडियो का कार्य लोकप्रिय है।

 मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के कोर्स

अगर आपको लोगों से इंटरेक्ट या बातें करना अच्छा लगता है और आपकी रुचि मीडिया रिलेटेड जॉब्स या क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना है तो आप मास कम्युनिकेशन से जुड़े अंडर ग्रेजुएट कोर्स और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज कर सकते हैं।

अपने स्किल्स और नॉलेज को एक साथ मिलाकर एक बेहतर करियर ऑप्शन पा सकते हैं। नीचे मास कम्युनिकेशन के इंपोर्टेंट कोर्सेज दिए गए हैं।

  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिप्लोमा |
  • पीजी सर्टिफिकेट कोर्स इन हिंदी जर्नलिज्म |
  • पीजी डिप्लोमा इन हिंदी जर्नलिज्म |
  • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म |
  • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मैस कम्युनिकेशन (BJMC)
  • बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन |
  • पीएचडी इन मास कम्युनिकेशन |
  • मास्टर ऑफ जर्नलिज्म |
  • मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन |
  • मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन |
  • PG diploma in mass communication.

Top Mass Communication कोर्स डिटेल्स और कोर्स फीस

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मैस कम्युनिकेशन (BJMC) बीजेएमसी कोर्स 3 साल का अंडर ग्रेजुएट बैचलर डिग्री कोर्स है। इस कोर्स की कुल फीस की बात करें तो डेढ़ लाख से 3 लाख के बीच लग सकता है। अलग-अलग संस्थान में कोर्स फीस भिन्न हो सकते।

बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन कोर्स की अवधि 4 साल की होती है जिसमें 6 सेमेस्टर की पढ़ाई की जाती है इस कोर्स की फीस 10 हजार से 2 लाख के बीच हो सकती है।

मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन यह एक पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है जो 2 साल में 4 सेमेस्टर के द्वारा पूरा किया जाता है। इस कोर्स के लिए 60 हजार से 2 लाख तक की फीस लग सकती है।

मास्टर ऑफ जर्नलिज्म यह 2 साल का कोर्स होता है जिनमें 4 सेमेस्टर पढ़ाये जाते है। जिसकी अनुमानित फीस 50 हजार से 1.5 लाख तक हो सकती है।

मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन इस कोर्स के 4 सेमेस्टर को 2 साल में पढ़ाया जाता है। इसकी फीस भी 50 हजार से 1 लाख के बीच हो सकती है।

PG diploma in mass communication सभी डिप्लोमा कोर्सेज की अवधि 1 साल की होता है। जिसमे आपको 4,000 से 50,000 तक कि राशि खर्च हो सकती है।

पीएचडी इन मास कम्युनिकेशन अगर आप मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में पीएचडी लेना चाहते हैं तो 3 साल के लिए पीएचडी इन मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स के फीस के बारे में बात करें तो ₹4000 से ₹1,20,000 तक हो सकती है।

डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पीजी मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन कोर्स बेहद पॉपुलर है। यह कोर्स मात्र 1 साल का होता है इस कोर्स के लिए 4 हजार से 10 हजार तक फीस लग सकता है।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) कोर्स एलिजिबिलिटी

  • अगर आप मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा करना चाहते हैं तो मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम में 12 वीं पास होना बेहद आवश्यक है।
  • अगर आप मास कम्युनिकेशन के अंतर्गत अंडर ग्रैजुएट कोर्स करना चाहते हैं तो मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम में 50% मार्क्स के साथ 12वीं पास करना बेहद जरूरी है।
  • इसके अलावा मास कम्युनिकेशन के अंदर पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए पचास परसेंट अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री और साथ में डिप्लोमा डिग्री होना बेहद जरूरी है।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) कोर्स (डिप्लोमा/डिग्री) कैसे करे?

मास कम्युनिकेशन का कोर्स विदेशों में जाकर भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप भारत में रहकर इन कोर्स को करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।

  • मास कम्युनिकेशन का कोर्स करने के लिए सबसे पहले 50% परसेंट अंक के साथ 12वीं कक्षा पास होना बेहद जरूरी है।
  • इसके बाद भारत के सभी कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम के द्वारा एडमिशन देता है आप इंडिया लेवल एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते है। भारत में आईपीयू, सीईटी और यूनिटी आदि एंट्रेंस एग्जाम ऑर्गेनाइज करता है।
  • अगर आप एंट्रेंस एग्जाम में अच्छे अंक लाए हैं तो इसके बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
  • मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद चुने गए कॉलेज में काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है।
  • काउंसलिंग में सफल होने के बाद मास कम्युनिकेशन का कोर्स के लिए नामांकन दिया जायेगा।

नोट:- कुछ कॉलेज मास कम्युनिकेशन कोर्स के लिए डायरेक्ट नामांकन देते है जिसके लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के लिए रिक्वायर्ड डॉक्युमेंट्स

अगर मास कम्युनिकेशन कोर्स करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट आपके पास होने जरूरी हैं।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) टॉप कॉलेजेस लिस्ट

नीचे भारत की टॉप कॉलेजेस के नाम दिए गए हैं जिनमें मास कम्युनिकेशन का कोर्स कराया जाता है।

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन (आईआईएमसी), न्यू दिल्ली |
  • फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) पुणे |
  • डिपार्टमेंट ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीएचयू) बनारस |
  • पटना कॉलेज, पटना |
  • जामिया मिलिया कॉलेज, नई दिल्ली |
  • सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद |
  • बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ |
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन फिल्म एंड टेलिविजन स्टडीज (आईएमसीएफटीएस), कोलकाता |
  • सिंबोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया कम्युनिकेशन, पुणे |
  • लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन, न्यू दिल्ली |
  • क्रिस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरू |
  • मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, मणिपाल |
  • एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, नोएडा |
  • दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट एंड कॉमर्स, न्यू दिल्ली |
  • इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमंस, न्यू दिल्ली |
  • केसी कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स, मुंबई |
  • कमला नेहरू कॉलेज फॉर वूमंस, न्यू दिल्ली |
  • मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, चेन्नई |

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) का स्कोप 

मास कम्युनिकेशन कोर्स पूरा करने के बाद आप कई क्षेत्रों में जॉब कर सकते हैं। इन कोर्स के बाद आप न्यूज़ एजेंसी, न्यूज़ वेबसाइट, प्रोडक्शन हाउस, प्राइवेट एवं सरकारी टीवी चैनल, फिल्म मेकिंग और एडवर्टाइजमेंट मेकिंग में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा अगर आपको किसी कंपनी के अंदर काम नहीं करना है तो खुद के ऑनलाइन ब्लॉग या न्यूज़ पोर्टल में काम स्टार्ट कर सकते हैं। खुद का न्यूज पोर्टल और ब्लॉग स्टार्ट करने के लिए केवल 10 हजार का निवेश काफी हो सकता है।

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) टॉप जॉब प्रोफाइल

  • डेस्क राइटर |
  • रिपोर्टर्स |
  • एडिटर्स |
  • साउंड मिक्सर एंड साउंड रिकॉर्डर |
  • रेडियो जॉकी |
  • एंकर |
  • टीवी एंड रेडियो प्रोड्यूसर |
  • फोटोजर्नलिस्ट |
  • इलस्ट्रेटर |
  • कार्टूनिस्ट |
  • पब्लिक रिलेशन ऑफिसर |
  • ब्लॉग राइटर |
  • स्क्रिप्ट राइटर |
  • इत्यादि |
  • एडवरटाइजिंग सेक्टर जॉब प्रोफ़ाइल |
  • क्लाइंट सर्विस मैनेजर |
  • कॉपीराइटर |
  • क्रिएटिव डायरेक्टर |
  • आर्ट डायरेक्टर |
  • मार्केट रिसर्च एक्जीक्यूटिव |
  • मीडिया प्लानर इत्यादि |
  • इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर जॉब प्रोफाइल |
  • इवेंट प्लानर |
  • इवेंट मैनेजर |
  • स्टेज डेकोरेशन |
  • वेडिंग प्लानर |
  • लॉजिस्टिक मैनेजर इत्यादि |
  • पब्लिक रिलेशन यानी पीआर सेक्टर जॉब प्रोफाइल |
  • पीआर ऑफिसर |
  • अकाउंट प्लानर |
  • अकाउंट मैनेजर |
  • पीआर मैनेजर |
  • सेलिब्रिटी मैनेजर इत्यादि |

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) जॉब फील्ड 

जनरलिज्म (प्रिंट मीडिया) हमारे देश में अनेकों भाषाओं में अखबार और मैगजीन छपते हैं जिसमें जनरलिज्म का कार्य किया जा सकता है।

कंटेंट राइटिंग मास कम्युनिकेशन की फील्ड में कंटेंट राइटर की जरूरत बहुत ज्यादा है। आप न्यूज़पेपर, टीवी चैनल, फिल्म और एडवर्टाइजमेंट के लिए कंटेंट राइटिंग कर सकते है।

एंकर टीवी चैनल्स, फिल्म विज्ञापन के क्षेत्र में जाना है और अगर आपमें बेझिझक बोलने की योग्यता है तो आप बतौर एंकर अच्छी जॉब पा सकते हैं। डिजिटल युग में आप स्वतंत्र रूप से एंकरिंग का कार्य कर सकते हैं।

फोटोजर्नलिज्म प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रोफेशनल फोटोग्राफर की बहुत मांग है। अगर आप मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में फोटोग्राफी में एक्सपर्ट है तो इस क्षेत्र में अच्छा करियर बना सकते हैं।

रेडियो जॉकी मास कम्युनिकेशन के तहत रेडियो जॉकी का कोर्स कराया जाता है जिसमें बोलने की स्किल में सुधार किया जाता। आप रेडियो जॉकी बन कर एफएम चैनल पर अपनी सेवा दे सकते हैं।

मीडिया प्लानर मीडिया प्लानर का कैरियर इस क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हो रहा है। मीडिया प्लानिंग के तहत क्लाइंट के विज्ञापन को एनालाइज कर टारगेट ऑडियंस के पास पहुंचाने का कार्य करना होता है। इसमें क्लाइंट की बजट का भी खास ख्याल रखना होता है।

Mass Communication कैंडिडेट को हायर करने वाली टॉप कंपनीज

  • हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप ऑफ पब्लिकेशन |
  • एनडीटीवी नेटवर्क्स ज़ी |
  • टीवी नेटवर्क |
  • टाइम्स एंड इंडियन पब्लिकेशन ग्रुप्स |
  • वायाकॉम ग्रुप |
  • बीबीसी |
  • टीवी 18 ग्रुप |
  • बिग एंटरटेनमेंट |

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) की सैलरी?

जहां तक सैलरी की बात है तो मास कम्युनिकेशन में आप मनचाही इनकम कर सकते हैं बशर्ते आपके अंदर रचनात्मक आइडिया होने चाहिए। आप मास कम्युनिकेशन के जिस फील्ड में अपना करियर शुरू करते हैं, सैलरी भी उसी के अनुरूप होती है।

अगर आप पफ्रेशर के तौर पर छोटी कंपनी में ज्वाइन करेंगे तो संभवत 10000 से 20000 प्रति महीने सैलरी मिल सकती है। बड़ी कंपनी में ज्वाइन करने के बाद 20 हजार से 40 हजार प्रति महीने की सैलरी मिल सकता है। इस क्षेत्र में इतना स्कोप है कि एक बार एक्सपर्ट बन जाने के बाद आपको अपनी सैलरी गिनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि आप अपनी संभावनाओं से कहीं ज्यादा कमा रहे होंगे।

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