CID और CBI में क्या अंतर होता है पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज का हमारा टॉपिक है की CID और CBI में क्या अंतर होता है। दोस्तों आपने बहोत बार लोगो के मुँह से ये सुना होगा की CID जाँच कर रही है या फिर CBI अक्सर आपने इन दोनों के बारे में सुना तो जरूर होगा मगर आपको इन दोनों में अंतर नहीं पता होगा। मगर आपको चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। हम आपको इस पोस्ट में CID और CBI क्या है और इन दोनों में क्या अंतर है वो भी बताने वाले है। आपको बता दे की ये दोनों इंडिया की क्राइम जाँच डिपार्टमेंट है। मगर इन दोनों की रिपोर्टिंग में अंतर है। जो की आप इस पोस्ट में जानोगे आगे। 

cid or cbi me kya antar hota hai

आपने हमेसा न्यूज या अखबारों में पढ़ा तो होगा की CID और CBI के बारे में। अगर आप इस पोस्ट पर है तो वैसे आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर CID और CBI क्या होता है और इनके क्या अंतर होता है जब की ये दोनों जांच एजेंसियां किसी अपराधिक मामले से जुड़ जाती हैं तो ये टीवी चेन्नल या अखबारों के लिए ब्रेकिंग न्यूज बन जाती है।

Read: Mobile Phone में Internet की Speed कैसे बढ़ाएं -How to Increase Internet Speed in Mobile Phone in Hindi

आपको बता दे की हर देश में क्राइम मामलों को सुलझाने के लिए कई बड़ी बड़ी जाँच एजेंसियों बनाई जाती है। मगर फिलहाल हमारे देश में कई एजेंसियां है। जो अपराधिक मामले की जाँच करती है। तो आज हम आपको इसी विषय के बारे में जानकारी देने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते है। 

CID (Crime Investigation Department) क्या है

CID की फुल फॉर्म Crime Investigation Department होता है। आपको बता दे की यह एक ऐसी investigation डिपार्टमेंट है। जो केवल राज्य स्तर के क्राइम के मामलों की जाँच करती है। मतलब राज्य (State) में कही भी दंगे, हत्या, अपहरण, चोरी के मामले होने पर उनकी जांच की जिम्मेदारी CID की होती है। सीआईडी राज्य में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग मन जाता है।

आपको बता दे 1902 में अंग्रेजो के समय यानी पुलिस आयोग की सहायता के लिए ब्रिटिश सरकार ने बनाया था । हर राज्य की अपनी अलग अलग सीआईडी जांच एजेंसी होती है। जिनके संचालन का अधिकार राज्य की सरकार या राज्य के हाई कोर्ट के पास होता है यानी राज्य सरकार या फिर हाई कोर्ट राज्य के किसी अपराधिक मामले को हल करने की जिम्मेदारी सीआईडी को दी जाती है। आपको बता दे की CID में शामिल होने के लिए पुलिस कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दिया जाता है।

CBI (Central Bureau of Investigation) क्या है

आपको बता दे कि CBI की फुल फॉर्म Central Bureau of Investigation होता है। जिसे हम लोग हिंदी भाषा में केंद्रीय जांच ब्यूरो के नाम से भी जानते है। इसके नाम से ही आपको पता चलता है कि ये पूरे भारत की जाँच एसेंजी है। आपको बता दे की हर देश की केन्द्रीय जाँच एजेंसी होती है। उसी तरह भारत की केन्द्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई है। जो देश और विदेश स्तर पर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रीय हितों से संबंधित अपराधों की भारत सरकार की और से जाँच करती है।

आपको बता दे कि सीबीआई को भारत की आजादी के 6 साल पहले यानी 1941 में बनाया गया था। वहीं साल 1963 में इसे CBI यानी केंद्रीय जाँच ब्यूरो नाम दिया गया था। भारत सरकार राज्य सरकार की सहमति से किसी भी अपराधिक मामले की जांच करने कि जिम्मेदारी CBI को देती है। वैसे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय बिना राज्य सरकार की सहमति के भी CBI को जाँच करने का आदेश दे सकते हैं। CBI के लिए उम्मीदवारों को SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होता है।

CID और CBI में क्या अंतर होता है

अब आपको समझ में आ गया होगा यहां हम आपको सीबीआई और सीआईडी दोनों जाँच एजेंसियों में कुछ प्रमुख अंतर बताने जा रहे है जिनसे आप दोनों जांच एजेंसी के बारे में काफी कुछ अंतर जान सकते हैं।

  • CID का काम सिर्फ एक राज्य तक ही सिमित है । जबकि CBI का काम पूरा भारत और विदेश तक होता है।
  • CID के पास जो भी अपराधिक मामले आते हैं उनकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और हाई कोर्ट को दी जाती है। जबकि सीबीआई के पास जो अपराधिक मामले आते हैं उनके जाँच की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और हाई कोर्ट, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी जाती है।
  • CID में शामिल होने के लिए आपको पहले पुलिस में भर्ती होना पड़ता है इसके बाद CID ऑफिसर बना जा सकता है। वहीं CBI में शामिल होने के SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होता है।
  • सीबीआई की स्थापना साल 1941 में हुई थी। जबकि सीआईडी की स्थापना साल 1902 में हुई थी।

Read: किसी भी Mobile की Location कैसे पता करें 2 मिनट में

Conclusion 

मुझे उम्मीद है की अब आपको पता चल गया होगा की CID और CBI क्या है और सीआईडी और सीबीआई में क्या अंतर होता है। बहोत सारे लोगो ने इनके बारे में सुना तो जरूर होगा की ये दोनों एक जांच एजेंसी है मगर इन दोनों में क्या अंतर होता है इसके बारे में नहीं पता होगा। 

यदि आपके मन में कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हो। हम उसका उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे। अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इस पोस्ट को दुसरो के साथ शेयर भी कर सकते हो। 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *